राजस्थान के गंगानगर की घटना: आखिर समाज किस दिशा में जा रहा है?
राजस्थान के गंगानगर की घटना: आखिर समाज किस दिशा में जा रहा है? राजस्थान के गंगानगर में 13 वर्ष की एक बच्ची के साथ हुई कथित बर्बर घटना ने पूरे देश को झकझोर दिया है। ऐसी घटनाएं केवल एक परिवार का दुख नहीं, बल्कि पूरे समाज के लिए एक गंभीर चेतावनी हैं। हर ऐसी घटना हमें यह सोचने पर मजबूर करती है कि आखिर हम अपने बच्चों के लिए कितना सुरक्षित समाज बना पाए हैं। यदि किसी मामले की जांच या न्यायिक प्रक्रिया जारी है, तो अंतिम निर्णय न्यायालय का होता है। इसलिए किसी भी आरोपी के बारे में अंतिम निष्कर्ष अदालत के फैसले के बाद ही माना जाना चाहिए। लेकिन इतना निश्चित है कि बच्चों के खिलाफ किसी भी प्रकार की हिंसा, शोषण और अत्याचार के प्रति समाज को बिल्कुल भी असंवेदनशील नहीं होना चाहिए। ऐसे अपराधों पर क्या होना चाहिए? यदि अदालत में अपराध सिद्ध हो जाता है, तो कानून के अनुसार दोषियों को कठोर और त्वरित सजा मिलनी चाहिए, ताकि पीड़ित को न्याय मिले और भविष्य में ऐसे अपराध करने वालों के मन में कानून का भय बना रहे। न्याय में अनावश्यक देरी पीड़ित परिवार के दर्द को और बढ़ा देती है। ऐसे अपराधों में क्या सजा मिलनी चाहिए? ...